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जंतर-मंतर नहीं अब ये हैं दिल्ली में प्रोटेस्ट करने की नई जगहें, स्थानीय लोग क्या बोले?

दर्जनों भैंसें, जगह-जगह पड़ी खंडित मूर्तियां और दूर-दूर तक फैला खाली मैदान. दिल्ली के बुराड़ी मैदान में पहुंचने पर सबसे पहले यही नज़ारा दिखता है. दिल्ली के जिस जंतर-मंतर पर कभी किसानों, स्टूडेंट्स, युवाओं, पहलवानों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आंदोलन किया, वहां अब प्रदर्शन की इजाज़त नहीं होगी. दिल्ली पुलिस ने विरोध प्रदर्शनों के लिए […]

दर्जनों भैंसें, जगह-जगह पड़ी खंडित मूर्तियां और दूर-दूर तक फैला खाली मैदान. दिल्ली के बुराड़ी मैदान में पहुंचने पर सबसे पहले यही नज़ारा दिखता है.

दिल्ली के जिस जंतर-मंतर पर कभी किसानों, स्टूडेंट्स, युवाओं, पहलवानों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आंदोलन किया, वहां अब प्रदर्शन की इजाज़त नहीं होगी.

दिल्ली पुलिस ने विरोध प्रदर्शनों के लिए तीन नई जगहें तय की हैं. रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली का सीबीडी मैदान.

यह फ़ैसला ऐसे वक़्त आया है, जब कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े और मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर प्रक्रिया को रद्द करने की मांग कर रहे हैं.

सीजेपी ने इससे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर भी जंतर-मंतर पर आंदोलन किया था.

जुलाई में प्रधान के इस्तीफ़े के बाद पार्टी ने अपना आंदोलन वापस ले लिया था.

जंतर-मंतर क़रीब 33 साल तक देश के कई बड़े आंदोलनों का गवाह रहा है. संसद भवन से क़रीब दो किलोमीटर की दूरी इसे किसी भी आंदोलन के लिहाज़ से अहम बना देती है.

लेकिन अब सवाल है कि नई जगहें प्रदर्शनकारियों के लिए कितनी सुविधाजनक हैं. क्या वहां तक पहुंचना आसान होगा? और इन मैदानों के आसपास रहने वाले लोगों की ज़िंदगी पर इसका क्या असर पड़ेगा?